यह टैप मशीनें बस के दोनों दरवाजे पर लगाई जाएगी। जब सवारी बस में चढ़ेगी तो चालक के पास हरी बत्ती जलेगी और उसे इंडिकेशन हो जाएगी कि सवारी ने अपने कार्ड को मशीन के साथ स्कैन कर लिया है। सवारी से किराया अंतिम स्टेशन तक वसूला जाएगा।
अगर सवारी का स्टेशन अंतिम स्टेशन से पहले है तो सवारियों को फिर मशीन के साथ इस कार्ड को स्कैन करना होगा। ऐसा करने से सवारी के इलेक्ट्रानिक कार्ड में पैसे वापस आ जाएंगे।
इसके लिए सवारियों के मोबाइल फोन में बाकायदा मैसेज भी आएगा। परिवहन निगम के सीजेएम एचके गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस तकनीक को लागू करने की बजट में घोषणा की है। पुलिस, परिवहन और अन्य निशुल्क सफर करने वाले यात्रियों को भी इलेक्ट्रानिक कार्ड जारी होंगे।
प्रदेश सरकार हिमाचल की 31 बसों में यह सुविधा मुहैया कराने पर विचार कर रही है। फिलहाल इसे हिमाचल के किसी एक जिले में पायलट तौर पर प्रयोग किया जाएगा। परिवहन निगम का दावा है कि इसमें परिवहन निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
हिमाचल में इलेक्ट्रानिक कार्ड सिस्टम प्रणाली को अपनाया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर हिमाचल के लोगों को भी कार्ड जारी होंगे। बसों में टैप मशीनें लगेंगी। कार्ड को स्कैन करने पर सवारियों से सफर के पैसे बसूले जाएंगे। - गोबिंद ठाकुर, परिवहन मंत्री