उनका यह दौरा पूरी तरह से नियमानुसार नहीं माना था। 29 जुलाई, 2015 को एचपीएमसी केे तत्कालीन एमडी जेसी शर्मा की ओर से सिंघी राम को 76,990 रुपये और 26 अप्रैल 2018 को एचपीएमसी के जीएम सुरेंद्र माल्टू ने 3,64,965 रुपये रिकवर करने का नोटिस दिया।
बाद में अतिरिक्त धनराशि की वसूली नहीं करने का निर्णय हुआ।
एचपीएमसी के जीएम सुरेंद्र माल्टू ने कहा कि पूर्व मंत्री न्यूनतम राशि को जमा करने को तैयार थे। वसूली की कार्रवाई कोष विभाग को ही करनी है।
मुझे सॉफ्ट टारगेट बनाया गया : सिंघी राम
पूर्व बागवानी मंत्री सिंघी राम ने कहा कि ऑडिट पैरा दुरुस्त करने की प्रक्रिया के तहत यह घटना हुई। वह सॉफ्ट टारगेट बनाए गए हैं। वह आज न तो राजनीति में हैं और न पार्टी में हैं। वह इस पर ज्यादा कोई कमेंट नहीं करेंगे।