हिमाचल के चालक-परिचालक भी अब कोरोना योद्धा कहलाएंगे। प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी चालक-परिचालकों का 50 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा करने के साथ ही अब इन्हें कोरोना योद्धा का दर्जा दिया है। सरकार का तर्क है कि यह वे योद्धा हैं, जो कोरोना संकट में भी बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को उनके गृह जिलों में पहुंचाने में लगे हैं। पिछले 10 से 20 दिनों से यह कार्य जारी है। देश के विभिन्न राज्यों से हिमाचलियों को लाने की प्रक्रिया जारी है।
निगम की बसें अब राज्य से बाहर नहीं जा रही हैं लेकिन प्रदेश के सीमावर्ती जिलों व क्षेत्रों में पहुंचकर बसों के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है। चालक की सीट के पीछे रस्सियों व अन्य साधनों से केबिन बनाया है ताकि कोई भी व्यक्ति चालक परिचालक के पास न आ सके और सोशल डिस्टेंस बना रहा। निगम के चालकों-परिचालकों को कोरोना योद्धा का दर्जा देने की बात परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने अपने ट्वीट अकाउंट में भी शेयर की है।
चालक-परिचालक भी किए जा रहे क्वारंटीन
गुड्स कैरियर वाहन चालक और एचआरटीसी के चालक-परिचालक स्थिति अनुसार क्वारंटीन किए जा रहे हैं। जो चालक रेड जोन से आते हैं, उन्हें संस्थागत और होम क्वारंटीन किया जा रहा है।