हिमाचल ने कैंसर की दवा तैयार कर ली है। हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर के वैज्ञानिकों ने प्रदेश में पाए जाने वाले हर्बल पौधों पर वर्षों शोध के बाद कैंसर की दवा तैयार करने में कामयाबी हासिल की है।
नया फार्मूला ईजाद कर सीएसआईआर के विशेषज्ञों ने कैथोथेरिया, दीनासेजिया, पोडोफिलुम, टेकसोल, रखाल और वनकटरी के पौधों से एक ऐसी दवाई तैयार की है, जिसमें कैंसर से लड़ने की क्षमता हैं।
इस दवाई का उन्होंने जानवरों (मेंढक और चूहों) पर सफल प्रयोग किया है। संस्थान अब इंसानों के लिए इस दवा को तैयार कर रहा है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े सीएसआईआर के विशेषज्ञ डा. विक्रम सिंह बताते हैं कि इन पेड़ों के पत्तों, जड़ों और छाल में बड़ी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट होता है, जो कैंसर से लड़ने में सहायक होता है। इससे हमारे शरीर में बीमारी से लड़ने की ताकत बढ़ जाती है।
कैंसर के रोगियों को ये दवा काफी आराम देगी। उनका दावा है कि शोध में पता चला है कि इन पौधों के पत्तों, जड़ों और छाल को उबालकर उसका पानी नियमित पीने से कैंसर नहीं होता है।