प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। सरकारी अस्पतालों में एमएस, एमओ और बीएमओ को रजिस्ट्रार बनाया गया है। पूर्व में नगर परिषद, नगर पंचायत और पंचायतें ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करती थीं। अब इसमें संशोधन किया है। नगर परिषद और नगर पंचायतें केवल प्राइवेट अस्पतालों में पैदा होने वाले शिशुओं का जन्म प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं।
सभी सरकारी अस्पतालों में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की ब्रांच शुरू कर दी है। ये प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। अभी फीस संबंधी निर्देश नहीं दिए गए हैं। वर्तमान में रेडक्रॉस की पर्चियां प्रमाणपत्र के साथ दी जा रही हैं। नगर परिषद में जारी किए जा रहे प्रमाणपत्रों की एवज में 50 रुपये फीस वसूली जा रही है। अस्पताल का डाटा तुरंत अपडेट होने के कारण लोग जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र तुरंत हासिल कर सकते हैं।