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बड़ा फैसला, सरकारी-निजी शिक्षण संस्थानों में बराबर बंटेगी स्कॉलरशिप

Tue, 17 Jan 2017 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली पोस्ट मैट्रिक एससी/एसटी/ओबीसी छात्रवृत्ति अब प्रदेश के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में बराबर बंटेगी। उच्च शिक्षा निदेशालय नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में इस व्यवस्था को लागू करने जा रहा है।
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अभी तक पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर पोस्ट मैट्रिक एससी/एसटी/ओबीसी छात्रवृत्ति का आवंटन होता आया है। इस व्यवस्था के चलते निदेशालय में पहले आने वाले आवेदनों को मंजूरी मिल जाती थी।

छात्रवृत्ति का बजट समाप्त होने पर शेष पात्र विद्यार्थी इसका लाभ लेने से छूट जाते थे। इसके चलते शिक्षा निदेशालय ने केंद्र सरकार से आने वाले छात्रवृत्ति बजट को दो भागों में बांटने का फैसला लिया है।
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सरकार की ओर से दी जाती है इतनी स्कॉलरशिप

एक हिस्सा सरकारी संस्थानों के लिए होगा और दूसरा हिस्सा निजी संस्थानों के लिए। पोस्ट मैट्रिक एससी/एसटी/ओबीसी छात्रवृत्ति के तहत केंद्र सरकार ट्यूशन फीस, मेंटेनेंस फीस, एग्जामिनेशन फीस और ऐडमिशन फीस विद्यार्थियों को लौटाती है।

एक से डेढ़ लाख रुपये सालाना पात्र छात्रों को केंद्र सरकार की ओर से छात्रवृत्ति में दिए जाते हैं। जिन एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के परिजनों की सालाना ढाई लाख से कम आय होती है, उन्हें छात्रवृत्ति के लिए पात्र माना जाता है। इसके अलावा छात्र हिमाचली होना चाहिए। सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को ही यह छात्रवृत्ति दी जाती है।
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