फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में अब नहीं बनेंगी ये दवाएं, कई निर्माताओं के लाइसेंस रद्द

Sat, 17 Sep 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल में चार तरह के साल्ट से बनने वाली प्रतिबंधित नशीली दवाओं को तैयार नहीं किया जा सकेगा। सरकार के निर्देशों के बाद दवा नियंत्रण प्राधिकरण ने प्रदेश के दवा निर्माताओं के प्रोडक्ट लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
विज्ञापन


प्रदेश के युवाओं में बढ़ रही इन दवाओं के नशे की प्रवृति को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। लिहाजा, अब संबंधित फार्मा उद्योग अब न तो इस साल्ट के सिंगल ड्रग्स (पूरे साल्ट की एक दवा) उत्पादन कर सकेगा, न ही फिक्स्ड डोज कंबिनेशन (मिश्रित साल्ट की दवा) तैयार कर सकेंगे।

15 सितंबर को प्रदेश ड्रग्स कंट्रोलर विभाग ने सरकार के निर्देशों के बाद यह आदेश जारी किए हैं। इसकी सूचना प्रदेश के तमाम फार्मा यूनिटों समेत ड्रग्स इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग को जारी कर दी गई है। दावा किया जा रहा है कि प्रदेश में पहली बार किसी सरकार ने इन दवाओं के प्रोडक्ट लाइसेंस रद्द किए हैं।
विज्ञापन


10 से 20 फीसदी मार्केट शेयर
एक अनुमान के मुताबिक हिमाचल में कुछ फार्मा उद्योगों के पास इसके लाइसेंस हैं। फार्मा मार्केट में 10 से 20 फीसदी तक हिमाचल में बनी इस साल्ट की दवाओं का मार्केट शेयर है। हालांकि, ड्रग्स विभाग का कहना है कि नाममात्र उत्पादन है, लेकिन फिक्स्ड डोज कंबिनेशन में मिसयूज के काफी चांसिस हैं।
विज्ञापन

यह साल्ट/ दवाएं शामिल

सियोडियोफि ड्राइन, एफीड्राइन, डाइफिनोग्जाइलेट, बूपरेनोफ्रिन के प्रोडक्ट लाइसेंस रद्द किए गए हैं। सिंगल ड्रग्स और फिक्सड डोज कंबिनेशन वाली दवाओं का उत्पादन शामिल किया है। यह सभी साल्ट न्यूरो से जुड़ी दवाओं में प्रयोग किए जाते हैं। इनमें निद्रा, बेहोशी और दिमाग को सुन्न करने वाली कई तरह की दवाएं विभिन्न ब्रांड में आती हैं।

मिसयूज होने का था अंदेशा : मरवाह
ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने कहा कि इन ड्रग्स का मिसयूज किया जा रहा है। युवा नशे की प्रवृति में पड़कर नशीली दवाओं का सेवन कर रहे हैं। देश और प्रदेश में इसका प्रचलन बढ़ रहा है। प्रदेश में इस तरह की सिंगल और फिक्स्ड डोज कंबिनेशन के उत्पादन का अंदेशा था। केंद्र सरकार से कई बार मुद्दा उठाया। उसके बाद मामले राज्य सरकार के ध्यान में लाया गया। सरकार के निर्देशों के बाद ही हिमाचल में प्रोडक्ट लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें