स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने बताया कि लोगों को घर-द्वार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें, इसके चलते सरकार ने यह पहल की है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में इस योजना को शुरू करने की घोषणा की थी।
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इन निजी अस्पताल में गायनी, पीडियाट्रिक्स, मेडिसिन, सर्जरी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ का होना अनिवार्य है। यहां लोगों को 24 घंटे सेवा मिलनी चाहिए।