प्रदेश में तहसीलों के बाहर बैठे स्टांप वेंडरों को अब अपनी दुकान के बाहर फीस का बोर्ड लगाना होगा। किसी एजेंट ने यह बोर्ड नहीं लगाया तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही होगी। इस बाबत जल्द ही जिला उपायुक्तों को भी यह सुनिश्चित करने के आदेश जारी हो होंगे। राजस्व मंत्री इस बारे में आदेश जारी करेंगे। प्रदेश भर में कई उप तहसीलों और तहसीलों के बाहर एजेंट लाइसेंस के कागज, जमीन रजिस्ट्री से लेकर हर फार्म भरने का काम करते हैं। लेकिन कई एजेंट लोगों से मनमानी फीस वसूलते हैं।
अधिकारियों को भी कई बार शिकायतें मिलती हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि अधिकतर स्टांप वेंडरों की दुकानों के बाहर अलग-अलग कामों की निर्धारित फीस के बोर्ड नहीं लगे होते हैं। जबकि प्रदेश सरकार ने हर चीज की फीस निर्धारित की हुई है और दुकान के बाहर इसका बाकायदा बोर्ड लगाने के भी आदेश हुए हैं। लेकिन अब लोगों की सुविधा के लिए इन की दुकानों के बाहर निर्धारित फीस के बोर्ड लगे होंगे।
जल्द जारी किए जाएंगे आदेश
सरकार ने जनसुविधाओं के बदले फीस और शुल्क निर्धारित किया है। कई तहसीलों में यह बोर्ड लगे भी हैं। सरकारी तौर पर सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को निर्धारित शुल्क बोर्ड पर दर्शाने के निर्देश हैं। फिर भी कहीं यह बोर्ड लिखित तौर पर नहीं हैं तो संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। इसके लिए सभी जिला उपायुक्तों की जवाब तलबी भी की जाएगी। इसके लिए जल्द ही आदेश जारी कर दिए जाएंगे, ताकि लोगों को किसी आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
- जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री, प्रदेश सरकार
लोगों को हर चीज का पता होना चाहिए
स्टांप वेंडरों की दुकानों के बाहर प्रदेश सरकार और विभाग की ओर से निर्धारित की गई फीस के बोर्ड लगाने चाहिए, ताकि लोगों को हर चीज की फीस का पता हो। पालमपुर में जिन स्टांप वेंडरों ने यह बोर्ड नहीं लगाए हैं। उनको बोर्ड लगाने के आदेश दिए जाएंगे, ताकि लोगों को फीस देने में सुविधा हो सके।
- साजन बग्गा, तहसीलदार पालमपुर।