हिमाचल प्रदेश राज्य स्तरीय योजना विकास एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष रामलाल ठाकुर ने कृषि विभाग को बीज, कीटनाशक दवाओं और अन्य कृषि उपकरणों को किसानों को बांटने की प्रक्रिया में सुधार लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने किसानों को उपयोगी जानकारी देने के लिए विभाग के फील्ड अधिकारियों को ग्रामसभा में शामिल होने के निर्देश दिए। शिमला के झाखड़ी में पौधरोपण अभियान में कमी से संबंधित मामले को समिति के एक सदस्य की ओर से उठाने पर उन्होंने इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश दिए।
रामलाल ठाकुर ने बुधवार को राज्य सचिवालय में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार 20 सूत्रीय कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए तय शत-प्रतिशत लक्ष्यों को हासिल करेगी। वन विभाग द्वारा रोपित किए गए पौधों की जीवन दर की निगरानी के लिए एक ठोस नीति अपनाई जानी चाहिए।
उन्होंने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को केंद्र सरकार से प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को कृषि गतिविधियों में शामिल करने का मामला एक बार दोबारा उठाने को कहा। समिति के सदस्यों ने आवारा पशुओं से संबंधित मामला भी उठाया।
इस पर कड़ी नीति अपनाने की सिफारिश की, जिससे लोग अपने पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें। सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न मांगों को उठाया और सुझाव भी दिए। बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता से संबंधित मामलों और अन्य योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
केंद्र ने अभी तक जारी नहीं की एम्स की अधिसूचना
ठाकुर ने बिलासपुर जिला में एम्स का निर्माण कार्य आरंभ करने के लिए वन निगम, पशुपालन तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी तालमेल से शीघ्र औपचारिकताएं पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने बिलासपुर जिला में एम्स स्थापित करने के लिए अभी तक कोई भी अधिसूचना जारी नहीं की है। जैसे ही इसकी अधिसूचना होगी, प्रदेश सरकार वन स्वीकृति का मामला भेजेगी।
ये भी रहे बैठक में मौजूद
विधायक महेश्वर सिंह, खूब राम, हिमाचल प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश चौहान, राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज कुमारी सोनी, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, विशेष सचिव राकेश शर्मा, समिति के सरकारी और गैर सरकारी सदस्य बैठक में उपस्थित थे।