रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी दोबारा से उपभोक्ताओं के बैंक खाते में आएगी। 15 नवंबर से हिमाचल प्रदेश में संशोधित डीबीटीएल योजना लागू होने जा रही है। किन्नौर और लाहौल स्पीति जिला को छोड़कर शेष दस जिलों में रसोई गैस उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए अब अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।
गैस सब्सिडी की राशि केंद्र सरकार उपभोक्ताओं के बैंक खाते में लौटाएगी। उपभोक्ताओं को बाजार भाव पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। केंद्र सरकार की इस योजना के लागू होने पर एलपीजी ग्राहकों के लिए भेजी जाने वाली सरकारी सब्सिडी को अवैध तरीके से दूसरे लोग हजम नहीं कर पाएंगे।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर फॉर एलपीजी योजना में इस बार संशोधन किया गया है। योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनके बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक हैं। हालांकि इस योजना से ऐसे लोगों को अभी छूट मिलेगी, जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं। उन्हें सिर्फ अपना बैंक खाता गैस एजेंसी जाकर लिंक कराना होगा।
ऐसे उपभोक्ताओं को अगले साल जनवरी महीने तक का समय आधार कार्ड बनवाने के लिए दिया जाएगा। गैस कंपनियों ने गैस एजेंसियों को इस बारे में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इंडियन ऑयल कारपोरेशन की प्रबंधक मानसी दुल्लो ने आदेश जारी होने की पुष्टि की है। उधर, उपायुक्त शिमला दिनेश मल्होत्रा ने सभी गैस उपभोक्ताओं से अपने बैंक खाते को गैस एजेंसियों से लिंक करने की अपील की है।