नोटिस के खिलाफ एचपीसीए हाईकोर्ट गया। 19 सितंबर 2013 को हाईकोर्ट ने कहा था कि रजिस्ट्रार देखें कि एचपीसीए का स्टेटस क्या है। एचपीसीए ने तब इस पर आपत्ति जताई थी। अब सरकार बदलने के बाद पिछले पांच साल का 1.35 करोड़ लीज मनी स्वीकार कर सारी लीज नियमित कर दी।
इसके बाद एचपीसीए ने कोर्ट को अवगत करवाया कि संपत्तियों का विवाद सुलझ गया है तो पहले आरसीएस इस बारे में स्थिति साफ करें। इसके बाद हाईकोर्ट ने पंजीयक को यह मामला देखने को कहा है। आरसीएस डॉ. आरएन बत्ता ने कोर्ट में जवाब दाखिल करने से पहले एचपीसीए को नोटिस भेजा है।