हाईकोर्ट ने 6500 पीटीए शिक्षकों को नियमित करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका में सरकार सहित निजी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने प्रतिवादियों से 6 सप्ताह के भीतर जवाब-तलब किया। मामले की सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी। याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार सरकार का पीटीए अध्यापकों को नियमित करने का फैसला सरासर गलत है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में पीटीए अध्यापकों के बारे में फैसले में जिक्र नहीं है। इन्हें नियमित करना भर्ती के नियमों का उल्लंघन करना है। मामले में पीटीए शिक्षक संघ और कुछ पीटीए शिक्षकों को भी प्रतिवादी बनाया गया है।