प्रदेश में नोटा के माध्यम से कम वोट लेने वाले भी प्रधान बन सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार के पंचायत चुनाव में नोटा की व्यवस्था की है।
इसके तहत अगर सभी उम्मीदवारों से भी ज्यादा नोटा पर ही सबसे ज्यादा वोट पड़ते हैं तो नोटा के बाद दूसरे स्थान पर वोट लेने वाले व्यक्ति को विजयी घोषित किया जाएगा।
इस अधिसूचना के तहत सभी चुनाव अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जो मतपत्र मतदान केंद्रों को दिए गए हैं, उनमें नोटा का चिन्ह है। नोटा यानी ‘नन ऑफ द एबव’ या ‘उपरोक्त में से कोई नहीं’ का प्रावधान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अनिवार्य किया गया है।
राज्य चुनाव आयुक्त टीजी नेगी ने कहा है कि यह प्रावधान किया गया है कि अगर नोटा में ज्यादा वोट पड़ते हैं तो नोटा के बाद दूसरे स्थान पर अन्य उम्मीदवारों से अधिक वोट लेने वाले व्यक्ति को ही विजयी घोषित किया जाएगा।