देवभूमि हिमाचल में प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बावजूद पर्यावरण में जहर घुल रहा है। पॉलिथीन का प्रचलन बंद हुआ तो नॉन वूवन थैले बाजार में आ गए। यह भी पॉलीथिन की भांति ही वातावरण के लिए घातक हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में खुलासा हुआ है कि ऐसे थैले भी नॉन बायोडिग्रेबल पॉलिथीन में आते हैं। बोर्ड ने जांच की पूरी रिपोर्ट पर्यावरण विभाग को भेज दी है, जिसके बाद यह मामला राज्य सरकार के पास जाएगा। हालांकि अभी तक सरकार इस मामले में खामोशी है।
राज्य में पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। प्लास्टिक और पॉलिथीन पर प्रतिबंध इनमें से एक है। प्लास्टिक की डिस्पोजल पलेटें, चम्मच, एक लीटर से छोटी पानी की बोतलों पर भी प्रतिबंध है, लेकिन बाजार में इसका खास असर नहीं दिख रहा। पॉलिथीन का उपयोग चोरी छिपे ही हो रहा है, जबकि डिस्पोजल पलेटें, चम्मच और छोटी पानी की बोतलें अभी भी बाजार में बिक रहीं हैं।