हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की राज्य स्तरीय बैठक ज्वालामुखी में प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिला एवं खंड कार्यकारिणियों की आम राय से शिक्षक व शिक्षा के लिए एक मांगपत्र तैयार किया। इसमें संघ की मुख्य मांगों में शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग की 31 अक्तूबर 2005 की अधिसूचना को तुरंत प्रभाव से लागू करने की मांग उठाई गई।
इसके अलावा अन्य मांगों में अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से पूर्णतया मुक्त रखना, पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, अनुबंध शिक्षकों को समस्त लाभ, अध्यापकों की सेवानिवृत्त आयु 62 वर्ष करना, पदोन्नति पर ग्रेड पे रोकने संबंधी अधिसूचना तुरंत निरस्त करना, पदोन्नति के लिए पांच साल की सेवा अवधि को कम कर तीन वर्ष करना शामिल रहा।
कॉलेज प्रवक्ता के लिए पदोन्नति नियमों में संशोधन कर योग्य स्कूल प्राध्यापकों को पदोन्नत करने की मांग, सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को यथाशीघ्र लागू करना, उच्च व प्रारम्भिक निदेशकों की नियुक्ति प्रशासनिक सेवा से करना, शास्त्री व भाषा शिक्षकों का नामकरण स्नातक अध्यापक करना, समस्त राज्य बजट का कम से कम छह प्रतिशत खर्च शिक्षा पर खर्च करना शामिल रहा। साथ ही लगभग 43 सूत्री मांगपत्र भी तैयार किया गया।
बैठक में राज्य चीफ पैटर्न अरुण गुलेरिया, पैटर्न सरोज मेहता, राज्य चेयरमैन सचिन जसवाल, वरिष्ठ उपप्रधान संजीव ठाकुर, अजय शर्मा व कमल राज अत्री, उपप्रधान गोविंद पठानिया, राज्य महासचिव शाम लाल हांडा, वित्त सचिव देव राज ठाकुर, विभिन्न जिलों के अध्यक्ष जिनमे जिला चंबा से हरी प्रसाद, शिमला से महावीर कैंथला, हमीरपुर से सुनील शर्मा, कुल्लू से यशपाल, मंडी से तिलकराज नायक, किन्नौर से राधा कृष्ण नेगी, ऊना से डॉ. किशन लाल और बिलासपुर से राजेश संधू कार्यकारिणियों सहित उपस्थित रहे।