ब्लॉक और जिला स्तर पर चले महासंघ के सदस्यता अभियान को लेकर समीक्षा की जाएगी। इस दौरान सदस्यों की संख्या कितनी है और प्रदेश कार्यकारिणी के चुनाव में कितने डेलीगेट हिस्सा लेंगे, इसे लेकर चर्चा की जानी है।
विनोद के अनुसार कुछ तथाकथित कर्मचारी नेता महासंघ के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंक ने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि हमेशा महासंघ के सदस्य ही अध्यक्ष का चुनाव करते हैं। ऐसा कभी नहीं हुआ कि मुख्यमंत्री कार्यालय से महासंघ अध्यक्ष का नाम तय किया गया हो।
ये नेता मुख्यमंत्री कार्यालय को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे नेताओं पर कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पहले ही साफ कहा है कि महासंघ के चुनाव में सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी।