साहसिक गतिविधियों के दौरान पर्यटकों की मौत पर अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली और पर्यटन विभाग सख्त हो गया है। दोनों ने साहसिक गतिविधियों संबंधी नियमों में बदलाव का मसौदा तैयार किया है। इसमें रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग के दौरान होने वाली मौत पर पायलट और ऑपरेटर पर गैर जमानती धारा में केस दर्ज होगा।
वर्तमान में इन दोनों गतिविधियों में किसी की मौत होने पर गैर इरादतन हत्या की धारा 304ए में मामला दर्ज होता है। इसमें जमानत का प्रावधान भी है। नियमों में बदलाव के बाद गैर जमानती धारा 299 में केस दर्ज होगा। रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाडिंग के ऑपरेटर और पायलट का लाइसेंस रद्द करने भी प्रावधान किया जा रहा है।
साहसिक गतिविधियों में अगर नियमों और गाइडलाइन का उल्लंघन पाया गया तो 25000 रुपये का जुर्माना होगा, जबकि वर्तमान में एक से पांच हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। पर्वतारोहण संस्थान मनाली ने साहसिक गतिविधियों के मामले में नया ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को भेजा है। इस ड्राफ्ट को लोकसभा चुनाव के बाद कैबिनेट में लाया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के निदेशक कर्नल नीरज राणा ने नियमों में बदलाव संबंधी मसौदा तैयार करने की पुष्टि की है।
चार माह में तीन लोग खो चुके जान
कुल्लू जिले में 350 के करीब पैराग्लाडर और इतने ही पंजीकृत राफ्ट से ब्यास की धारा में सैलानियों को अठखेलियां करवाई जाती हैं। इस बार पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले ही हादसों में तीन लोग जान गवां चुके हैं। इनमें रायसन में पैराग्लाडर के गिरने से केरल के पर्यटक और स्थानीय पायलट की मौत हो गई थी। इसके अलावा कुछ दिन पहले भुंतर में ब्यास नदी में राफ्ट पलटने से महाराष्ट्र की महिला की मौत हो गई थी।