स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा है कि सात डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं से गैर हाजिर रहने और निजी प्रैक्टिस करने के आरोप में निलंबित किया गया है।
इन्हें चार्जशीट किया जा रहा है। मरीजों की गवाही ली जा रही है। अगर इन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से सिद्ध हुए तो इन्हें बर्खास्त किया जा सकता है।
कौल सिंह ठाकुर ने कहा है कि अन्य डॉक्टरों पर भी विभाग की नजर है। उन्होंने कहा कि कुछ डॉक्टर बार-बार निर्देशों के बावजूद जेनेरिक के बजाय ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी।