प्रतिभागियों में 53 प्रतिशत पुरुष और 47 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं। इनमें 55 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से जबकि 45 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों से थे। सर्वेक्षण में छात्र, शिक्षक, गृहिणियां, कार्यालय कर्मचारी और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोग भी शामिल किए गए, ताकि समाज के अलग-अलग वर्गों की जागरूकता का आकलन किया जा सके। शोध के नतीजों के अनुसार 81 प्रतिशत प्रतिभागियों ने सही बताया कि मुंह कैंसर मुंह या गले से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। वहीं 80 प्रतिशत लोगों ने धूम्रपान को मुंह कैंसर का प्रमुख कारण माना। इसके अलावा 84 प्रतिशत प्रतिभागियों ने मुंह में लंबे समय तक न भरने वाले घाव को इस बीमारी का मुख्य लक्षण बताया।
77 प्रतिशत लोगों को यह जानकारी थी कि शराब का सेवन भी मुंह कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। 77 फीसदी लोगों ने यह माना कि तंबाकू को छोड़ने से ओरल कैंसर से बचा जा सकता है। 78 प्रतिशत ने शुरुआती चरण में शल्य-चिकित्सा को सही उपचार माना। 79 प्रतिशत लोगों को बायोप्सी की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी थी। ज्ञान स्तर के आधार पर 37.5 प्रतिशत प्रतिभागियों का ज्ञान बहुत अच्छा, 39.5 प्रतिशत का अच्छा, 15.5 प्रतिशत का औसत और 7.5 प्रतिशत लोगों में जागरूकता कम पाई गई।
150 प्रतिभागियों (37.5 प्रतिशत) का ज्ञान स्तर बहुत अच्छा पाया गया, जिन्होंने 80 प्रतिशत या उससे अधिक सही उत्तर दिए। 158 प्रतिभागियों (39.5 प्रतिशत) का ज्ञान स्तर अच्छा रहा, जिनके अंक 60 से 79 प्रतिशत के बीच रहे। इसके अलावा 62 प्रतिभागियों (15.5 प्रतिशत) का ज्ञान स्तर सामान्य श्रेणी में पाया गया, जिनके अंक 41 से 59 प्रतिशत के बीच थे। जबकि 30 प्रतिभागियों (7.5 प्रतिशत) में मुख कैंसर के बारे में जानकारी काफी कम पाई गई और उनके सही उत्तर 40 प्रतिशत से कम रहे।