पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थी महीने के आखिरी दिन अब बिना बैग के स्कूल जाएंगे। माह के आखिरी कार्यदिवस पर स्कूलों में आधे दिन विभिन्न स्पर्धाएं एवं अन्य गतिविधियां होंगी। लंच ब्रेक तक बच्चों को रचनात्मक कार्य सिखाए जाएंगे। मध्यांतर के बाद विद्यार्थियों को छुट्टी दे दी जाएगी। मई से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में यह व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है।
शिक्षा विभाग ने इसे लागू करने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलते ही बैग फ्री डे की व्यवस्था हो जाएगी। सीएम जयराम ठाकुर ने अपने पहले बजट भाषण में महीने का एक दिन बैग फ्री करने का एलान किया था। इसे व्यावहारिक रूप देने के लिए शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय में एक बैठक आयोजित हुई।
बैठक में घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए गठित कमेटी ने विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के बाद महीने के आखिरी कार्यदिवस को बैग फ्री करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। मई से योजना को शुरू करने का प्रस्ताव बनाकर इसे सरकार को भेज दिया गया।
बैग फ्री डे पर स्कूलों में रचनात्मक कार्य, वाद-विवाद, खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। हर विद्यार्थी को किसी न किसी गतिविधि में भाग लेना होगा। इस रोज स्कूलों में सह पाठ्यक्रम गतिविधियां ही संचालित की जाएंगी।
अटल टिंकरिंग लैब होंगी स्थापित- भारत सरकार द्वारा अटल इनोवेशन मिशन के तहत प्रदेश के चुने हुए विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएंगी। विद्यार्थी बैग फ्री डे पर इन लैब में उपकरण एवं औजारों के माध्यम से विज्ञान, तकनीकी, अभियांत्रिकी तथा गणित को समझेंगे।
उच्च शिक्षा निदेशक अमरदेव ने बताया है कि बैग फ्री डे का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। सरकार के आदेशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
प्रोत्साहित करने को होंगे विशेष लेक्चर- बैग फ्री डे के दौरान ‘अखंड ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती’ योजना के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
संबंधित स्कूल से पढ़ चुके और वर्तमान में उच्च पद पर आसीन अधिकारी या समाज की भलाई के लिए बेहतरीन कार्य कर रहे व्यक्ति को स्कूल में बुलाया जाएगा। उक्त व्यक्ति बच्चों को संबोधित कर प्रोत्साहन करेंगे।