हिमाचल प्रदेश की 40 पंचायतें सड़क सुविधा से वंचित हैं। इनमें करीब 300 गांव हैं। इन गांवों के लिए सड़क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने लोक निर्माण विभाग को फॉरेस्ट क्लीयरेंस कर डीपीआर तैयार करने के लिए कहा है। ऐसी साल अधिकांश पंचायतों को सड़क से जोड़ा जाना है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इन सड़कों का निर्माण किया जाना है।
प्रदेश में 3615 पंचायतें हैं। लोक निर्माण विभाग की मानें तो लोगों की आपसी रंजिश के चलते सड़कों का निर्माण नहीं हो रहा है। अपने गांव तक सड़क पहुंचने के बाद साथ लगते गांव के लिए सड़क बनाने को जमीन नहीं देते हैं। अब सरकार ने फैसला लिया है कि पहले जमीनें लें देन का झंझट खत्म करेंगे, उसके बाद ही सड़क का काम शुरू किया जाएगा।
जमीन का शपथपत्र नहीं, बल्कि जो जमीन सड़क में आ रही हो, वह विभाग के नाम करनी होगी। उसके बाद ही सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि कई जमीन विभाग के नाम हो चुकी है। इनका एस्टिमेट तैयार हो रहा है।