इन्हें पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान के सभी प्राचार्यों को भी प्रेेषित किया है। जांच की प्रक्रिया के 21 बिंदु हैं, जिनमें कहा गया है कि आरोपों को भलीभांति पढ़ा जाए। शिकायत पत्र में यह सुनिश्चित करें कि शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर हैं या नहीं, क्योंकि पंचायती राज सामान्य नियमावली 1997 के नियम 142(2) के अनुसार जब तक शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर नहीं होंगे और स्पष्ट आरोप नहीं दर्शाए होंगे, तब तक कोई जांच अमल में न लाई जाए।
इसके अलावा छानबीन की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए दोनों पक्षों को 15 दिन में नोटिस जारी करें। इस नोटिस में जांच की तिथि, समय और स्थान का ब्योरा हो। जांच के दिन सभी पक्षों की उपस्थिति अनिवार्य है।
निदेशक पंचायती राज ने ये आदेश विजिलेंस मैनुअल के अनुसार जारी किए हैं। जांच इसी मैनुअल को ध्यान में रखते हुए की जा सकती है। - डा. आरएन बत्ता, सचिव, पंचायत राज