जिला कुल्लू में पंचायत चुनाव में जहां प्रत्याशियों की होड़ लगी है, वहीं कुछ पंचायतों में चुनाव अधिकारी प्रत्याशियों के नामांकन भरने का तीन दिन तक इंतजार करते रहे। ऐसी चार पंचायतें मनाली ब्लॉक के तहत आई हैं, जहां किसी भी प्रत्याशी ने किसी भी पद के लिए नामांकन दाखिल नहीं किया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मनाली में पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है।
ग्रामीणों के अनुसार पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध से रोजगार छिन गया है। व्यावसायिक गतिविधियों पर पिछले कुछ माह से रोक लगने पर मनाली ब्लॉक के तहत आती बुरुआ, पलचान, शनाग और ओल्ड मनाली ने चुनाव का बहिष्कार किया है। इन पंचायतों में चुनाव आयोग की ओर से निर्धारित नामांकन तिथि के तीन दिन तक एक भी प्रत्याशी नहीं आया।
पंचायत के लोगों ने चुनाव के बहिष्कार का पूरी तरह से मन बना लिया है। बुरुआ, पलचान और शनाग के लोगों ने नामांकन दाखिल नहीं किए। ओल्ड मनाली के लोगों ने सांसद की ओर से गोद लिए गांव को नजरअंदाज करने पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने साफ मना किया है। जानकारी के अनुसार तीन दिन तक चुनाव आयोग की तरफ से भेजे गए चुनाव अधिकारी और पंचायत सचिव प्रत्याशियों का इंतजार करते रहे।
लेकिन किसी ने भी नामांकन नहीं भरा। ऐसे में चुनाव अधिकारी को नामांकन के कागजात खाली वापस लाने पड़े। जिला में 204 पंचायतें आती हैं। इनमें चार पंचायतों में बाद में चुनाव होंगे। मनाली ब्लॉक की चार पंचायतों में नामांकन न होने से कुल्लू जिले की 196 पंचायतों में प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल हुए। उधर, मनाली की एसडीएम ज्योति राणा ने कहा कि जिन पंचायतों में नामांकन नहीं भरे गए हैं। इन पंचायतों के लोगों को कई बार प्रशासन की तरफ से अपने मताधिकार करने को प्रेरित किया गया है।