पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी की बजट में पूरी तरह से अनदेखी की गई है। यहां पर भाजपा सरकार के पुराने प्रोजेक्टों को ही घसीटा गया है। मंडी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और शिवधाम के लिए बजट का प्रावधान करने की बात कही गई है। भाजपा का कहना है कि इसके लिए पूर्व सरकार ने ही प्रावधान कर दिया था। उधर जिला के लिए पर्यटन क्षेत्र में भी सबसे कम बजट दिया गया है।
यहां पर बता दें कि पर्यटन पर प्रदेशभर में 1,311 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें जिला कांगड़ा के लिए 390 करोड़, हमीरपुर 251, कुल्लू 229, शिमला 123 के बजट का प्रावधान किया गया है, जबकि मंडी के लिए सबसे कम 38 करोड़ का बजट दिया गया है। इसके अलावा जिला को कोई भी नई सौगात नहीं मिली है। बल्ह में फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। यहां पर चल रहे मेडिकल कॉलेज नेरचौक के लिए विशेष योजना नहीं दी गई है।
इसके अलावा मंडी की सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के लिए भी कोई योजना स्पष्ट नहीं की गई है। प्रदेश की नेरचौक में एक मात्र अटल मेडिकल एंड रिसर्च विवि के लिए भी बजट में प्रावधान नहीं किया गया है। बजट में कोई भी बड़ा संस्थान, प्रोजेक्ट, सड़क, उद्योग आदि की व्यवस्था मंडी के लिए नहीं की है। मंडी िजले के बागबानों और किसानों के लिए भी कोई घाेषणा सरकार की ओर से अलग नहीं की गई है।
शिव धाम: बजट का करेंगे प्रावधान
शिवधाम पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। 27 फरवरी, 2021 को मंडी में इसका शिलान्यास हुआ था। शिव धाम से मंडी में विकास को नए आयाम स्थापित हो सकते हैं। लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। शिवधाम को रोपवे और उड़ान के तहत हवाई सेवाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
क्या-क्या होगा
शिवधाम में प्रवेश के लिए कैलाश द्वार होगा। यहां भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित होगी। गंगा कुंड होगा, शिव वंदना के नाम से ओरिएंटेशन सेंटर होगा। रुद्रा मंडल और डमरू मंडल होगा। यहां भगवान शिव के डमरू के दर्शन और डमरू मंडल के पास खाने-पीने की वस्तुएं मिलेंगी।
मानसरोवर कुंड, मोक्ष पथ, बिल्वपत्र कुंड, शिवस्मृति म्यूजियम तथा एक बड़ा शिवलिंग स्थापित होगा। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी करवाए जाएंगे। माता पार्वती, कार्तिकेय और गणेश भगवान की प्रतिमाएं भी होंगी। हर्बल गार्डन, नक्षत्र वाटिका, एमफी थियेटर होगा और सैकड़ों गाड़ियों के लिए पार्किंग सुविधा होगी।
हवाईअड्डा: 644 एकड़ का प्रोजेक्ट
मंडी जिले के बल्ह में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सीमा की मार्किंग के लिए राजस्व मुहाल छातड़ू में पक्की बुर्जियां लगाई हैं। 644 एकड़ भूमि पर हवाई अड्डा का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। पहले 7,500 करोड़ इसकी लागत प्रस्तावित थी। अब करीब 9,000 करोड़ से अधिक है।
क्या-कितना
3,150 मीटर होगा रनवे, धुंध में भी उतर सकेगा विमान
बल्ह और नाचन क्षेत्र के आएंगे पांच राजस्व मुहाल
2,862 की आबादी एयरपोर्ट निर्माण से होगी प्रभावित
589 आवासीय और व्यापारिक भवन जद में
विरोध में किसान
बल्ह में हवाई अड्डा बनाने का क्षेत्र के किसानों की ओर से विरोध किया जा रहा है। उनका तर्क है कि प्रस्तावित जगह जिले की सबसे उपजाऊ भूमि है, लिहाजा यहां निर्माण नहीं होना चाहिए।