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Shimla News: न मशीन, न महंगा सामान, हुनर से गुड़िया में डाल दी जान

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बेकार सामान से आकर्षक गुड़िया बनाकर रोजी-रोटी कमा रही राजस्थान से आई महिला कारीगर
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लोगों के आकर्षण का केंद्र बना संतरा का हुनर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक मालरोड से सटे कालीबाड़ी मंदिर के पास इन दिनों एक छोटी-सी दुकान आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दुकान पर सजी फोम से बनी रंग-बिरंगी गुड़िया बच्चों के साथ बड़ों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
महज 20 रुपये की फोम और वेस्ट मैटीरियल से तैयार की गई यह गुड़िया 150 रुपये में बिक रही हैं। यह हुनर और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनने के साथ ही वेस्ट टू बेस्ट का सुंदर उदाहरण पेश कर रही हैं। शहर में इन दिनों नवरात्र की धूम है। इसी बीच राजस्थान से शिमला आईं महिला कारीगर संतरा ने कालीबाड़ी मंदिर के पास लगाई यह दुकान लोगों का ध्यान खींच रही है। उन्होंने बताया कि वह फोम के टुकड़ों, सजावटी ऊन और बेकार समझे जाने वाले सामान से गुड़िया बनाती हैं। इन्हें तैयार करने के लिए किसी मशीन का इस्तेमाल नहीं होता बल्कि पूरा काम हाथों से किया जाता है। गुड़िया की खासियत इनके फोम से बने कपड़े और सुंदर टोपियां हैं। संतरा ने बताया कि वह महज 15 से 20 मिनट में एक गुड़िया तैयार कर लेती है। कालीबाड़ी मंदिर जाने वाले रास्ते पर दुकान होने के कारण यहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की खासी भीड़ रहती है। बच्चे भी इन गुड़ियाओं को देखकर इन्हें खरीदने की जिद करते हैं, जिसके चलते अभिभावक भी इन्हें खरीद रहे हैं।
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कई सालों से आ रही शिमला : संतरा

महिला कारीगर संतरा ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से त्योहारी सीजन में शिमला आती हैं। पहले लोग प्लास्टिक और चाइनीज खिलौनों को अधिक पसंद करते थे, लेकिन अब हाथ से बने खिलौनों के प्रति भी लोगों का रुझान बढ़ रहा है। लोग अपने बच्चों के लिए छोटी-बड़ी गुड़िया खरीद रहे हैं। दुकान पर खरीदारी कर रहीं प्रियंका ने बताया कि हाथ से बनी यह गुड़िया बेहद आकर्षक हैं। इन्हें देखकर बच्चे खूब पसंद कर रहे हैं और खरीदने के लिए उत्साहित होते हैं।
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