बद्दी और परवाणू के सैकड़ों उद्योगों में नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि परवाणू के 100 और बद्दी के दस उद्योग बिना फायर एनओसी के ही चल रहे हैं। लगातार हो रही आग की घटनाओं के बावजूद उद्योग लापरवाही बरत रहे हैं। इससे उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों और स्टाफ की जान खतरे में हैं। उद्योगों की लापरवाही पर अब विभाग भी सख्त हो गया है।
कमांडेंट होमगार्ड ने हाल ही में बद्दी के एक उद्योग में आग से हुई तीन मजदूरों की मौत के बाद जिला के उद्योगों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। अब तक 1125 उद्योगों की जांच की गई है। इसमें खुलासा हुआ है कि परवाणू के 100 और बद्दी के दस उद्योगों के पास फायर एनओसी नहीं है। उद्योगों को आग से निपटने के लिए उचित प्रबंधन सहित फायर एनओसी लेने के निर्देश दिए हैं। अभी विभाग अन्य उद्योगों की जांच भी कर रहा है। सोलन के बद्दी, सोलन, परवाणू, नालागढ़ में करीब चार हजार छोटे और बड़े उद्योग हैं।
पिछले साल उद्योगों में आग की 526 घटनाएं, चार की मौत
पिछले वर्ष जिले के उद्योगों में करीब 526 आग की घटनाएं हुई हैं। इसमें चार लोगों की मौत सहित करोड़ों का नुकसान हुआ है। इस वर्ष आग से निपटने के लिए विभाग की ओर से यह मुहिम छेड़ी गई है। उद्योगों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसमें एनओसी न होने पर संबंधित उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
दस उद्योगों ने एनओसी के लिए किया आवेदन : डॉ. शिव
कमांडेंट होमगार्ड डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि अग्निशमन विभाग को उद्योगों में आग से निपटने की व्यवस्था सहित फायर एनओसी की जांच के निर्देश दिए हैं। जिसकी रिपोर्ट रोजाना आ रही है। कार्रवाई के दौरान दस उद्योगों ने एनओसी के लिए आवेदन भी कर दिया है। एनओसी नहीं लेने पर संबंधित उद्योगों पर कार्रवाई भी हो सकती है। 110 उद्योगों के पास फायर एनओसी नहीं मिली है।