साल 2016 से इस घोषणा को लागू किया गया। राज्य पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को 40 हजार और राष्ट्रीय को 60 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया जाता है। अब जयराम सरकार ने पूर्व सरकार की ओर से शिक्षकों को दी गई सौगात को बंद करने की तैयारी कर ली है। संभावित है कि कैबिनेट बैठक में इस मामले को लाया जाएगा।
दसवीं और जमा दो कक्षा के दस हजार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने पर भी अभी संशय बना हुआ है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव इस बाबत कुछ भी कहने से गुरेज कर रहे हैं। धूमल सरकार के समय शुरू की गई इस योजना को भी जयराम सरकार बंद करने की तैयारी में है। हालांकि स्पष्ट तौर योजना को बंद करने की घोषणा करने से सरकार कतरा रही है।