सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग पर क्षमता से अधिक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। सेना के लिए मार्ग को सुचारु रखने और लेह तक बने एक दर्जन छोटे-बड़े पुलों की सुरक्षा को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कदम उठाया है। इसके लिए मनाली के बाहंग में परिवहन विभाग ने धर्मकांटा स्थापित किया है, जो इस मार्ग से गुजरने वाले बड़े वाहनों का वजन चेक करेगा।
भारत-चीन में सीमा पर चल रहे विवाद के बीच इस मार्ग को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, ताकि लेह और लद्दाख की ओर जाने वाली भारतीय सेना की कानवाई में रुकावट न आए। इसके अलावा इस फैसले से रोहतांग दर्रे पर प्रदूषण को भी कम किया जा सकेगा, जिस पर एनजीटी पहले से ही अपनी नजर रखे हुए है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डॉ. अमित गुलेरिया ने बताया कि मनाली के समीप बाहंग में भारोत्तोलक धर्मकांटा लगाया गया है।
इसका उद्देश्य रोहतांग दर्रे और मनाली-लेह मार्ग पर चलने वाले वाहनों को अपनी क्षमता से अधिक भार ले जाने से नियंत्रित करना है। डॉ. गुलेरिया ने मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले सभी भारोत्तोलक वाहन मालिकों एवं चालकों से अपील की है कि वे वाहनों को क्षमता के अनुसार ही लोड करें अन्यथा उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। लद्दाख की गलवां घाटी में भारत और चीन की सेना के बीच हुई खूनी झड़प के बाद से इस मार्ग की भूमिका बढ़ गई है। इस मार्ग से लगातार सेना के काफिले गुजर रहे हैं।