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चीन सीमा से सटे दर्जनों गावों पर आई बड़ी मुसीबत

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चीन बॉर्डर पर भारत परिसीमा में महीनों से अंधेरा छाया हुआ है। दो मेगावाट की रोंगटोंग जल विद्युत परियोजना से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। तस्वीर यह है कि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड की ओर से सात करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।
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इससे सीधे तौर पर सीमा की सात हजार से अधिक आबादी प्रभावित है। इसको लेकर पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि रोंगटोंग जल विद्युत परियोजना की टरबाइनें दो साल पहले ही खराब हो गई हैं।

इन्हें रिपेयर करने के लिए पश्चिम बंगाल की एक कंपनी को ठेका दिया गया। पिछले दो साल से यह कंपनी टरबाइन नहीं बना पाई है। इस कारण इस परियोजना से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। इसको लेकर पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा हो रहा है।
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सीएम को पत्र लिखकर रखी है मांग

आखिर क्या कारण है कि दो साल से टरबाइनें रिपेयर नहीं हो पा रही हैं। जानकारों का कहना है कि जितना खर्च रिपेयर के नाम पर किया जा चुका है, उनमें नई टरबाइनें लगाई जा सकती थीं।

लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर का कहना है कि दो साल से टरबाइनें खराब हैं। इसके लिए मैं विधानसभा में भी सवाल उठा चुका हूं, लेकिन बिजली बोर्ड प्रबंधन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। मजबूर होकर मुझे फिर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखना पड़ा है। स्पीति का पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा हुआ है। केवल छह से सात घंटे ही किन्नौर के जरिये बिजली आ पाती है।

जल्द किया जाएगा ठीक
"टरबाइनें खराब हैं। इन्हें जल्द ही ठीक किया जाएगा। किन्नौर के माध्यम से स्पीति में आपूर्ति सुचारु करने की कोशिश की जाती है।" - पीसी नेगी, प्रबंध निदेशक, राज्य विद्युत बोर्ड
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प्रदेश के अन्य इलाकों में बिजली बहाल

वहीं, हिमाचल राज्य विद्युत बोर्ड प्रबंधन ने दावा किया है कि प्रदेश भर में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। राज्य के आंतरिक क्षेत्रों, जिसमें इस बर्फबारी में विद्युत अधोसंरचना को भारी नुकसान पहुंचाया है, वहां भी कार्य कर विद्युत आपूर्ति को बहाल किया जा रहा है।

सबसे अधिक नुकसान कुल्लू ज़िला में हुआ है, जहां जनजीवन को पटरी पर लाने के काम में राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी युद्ध स्तर पर लगे हुए हैं। आंतरिक स्थानों में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा रही है। बोर्ड की ओर से 132 केवी मलाना लाइन को बजौरा 132 केवी उपकेंद्र से जोड़ दिया गया है।
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