परिवार सहित पांच दिनों के कुल्लू दौरे पर आए नितिन गडकरी ने शुक्रवार को तीसरे दिन रोहतांग दर्रे की बर्फीली वादियों का आनंद लिया। यहां करीब डेढ़ तक रुके। उनके साथ उनकी पत्नी, दो बेटे, एक बेटी व दामाद शामिल थे।
केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि लाहौल में विंटर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में वे घाटी में विंटर पर्यटन को बढ़ावा देने में पूरी मदद करेंगे। हिमाचल प्रदेश में रोड और रोप-वे बनाने के कार्य को गति दी जाएगी। परिवार सहित पांच दिनों के कुल्लू दौरे पर आए नितिन गडकरी ने शुक्रवार को तीसरे दिन रोहतांग दर्रे की बर्फीली वादियों का आनंद लिया। यहां करीब डेढ़ तक रुके।
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उनके साथ उनकी पत्नी, दो बेटे, एक बेटी व दामाद शामिल थे। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ सेल्फी और फोटो लिए। यहां से उनका काफिला लाहौल के लिए रवाना हुआ। कोकसर होते हुए अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पहुंचे, जहां लाहौल के लोगों ने उनका पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया। पूरे परिवार के लोगों को लाहौल की टोपी और खतग पहनाया गया।
दोपहर बाद ढाई बजे सिस्सू रेस्ट हाउस में नितिन गडकरी और हिमाचल के तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मारकंडा के बीच करीब 15 मिनट तक गहन बातचीत हुई। मारकंडा ने केंद्रीय मंत्री से स्कीइंग के लिए रोप-वे स्थापित करने की मांग को उठाया। बताया कि चंद्रा और भागा नदियों में वाटर स्पोर्ट्स की भी प्रबल संभावना है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उनके इस प्रस्ताव पर दिल्ली पहुंचते ही वर्कआउट करने का भरोसा दिया है। शाम करीब पांच बजे उनका काफिला अटल टनल रोहतांग होकर मनाली के नग्गर लौटा। रोहतांग दर्रा से लौटते समय केंद्रीय मंत्री गडकरी सोलंग नाला में रोपवे से पर्यटन स्थल फातरु पहुंचे।