नीति आयोग और जल शक्ति मंत्रालय के आंकड़ों के जरिये देश में पानी की हालत बताई। आंकड़े बताते हैं कि तीन साल के दौरान 80 फीसदी राज्यों ने पिछली बार से इस बार बेहतर किया है। गांव में पीने योग्य पानी पहुंचाने के मामले में हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी और गुजरात ने अच्छा काम किया है। ग्राउंड वाटर को लेकर हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश ने बेहतर काम किया है।
शहरी जनता को स्वच्छ पानी मुहैया करवाने की बात करें तो हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, गोवा और उत्तराखंड अव्वल रहे हैं। बिहार और असम में हालात खराब हैं। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जानकारी दी है कि जो राज्य पीछे रह गए हैं, वहां ज्यादा जोर लगाने की जरूरत है।
शेखावत ने ग्राउंड वाटर को लेकर चिंता भी जाहिर कर कहा कि वाटर मैनेजमेंट को लेकर जो इंडेक्स जारी हुआ है इससे सीख लेते हुए केंद्र और राज्य सरकारें और बेहतर तरीके से सामंजस्य बनाकर काम करेंगी।