राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2025 की रैंकिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने ऑलओवर श्रेणी में बड़ी छलांग मारी है। बीते वर्ष 2024 के मुकाबले 14 पायदान ऊपर उठकर 58वां रैंक देशभर में हासिल किया है। टॉप 100 में 2024 में यह रैंक 72वां था। 2017 से लेकर 2025 तक के आंकड़ों में सबसे अधिक स्काेर इस बार आईआईटी मंडी ने ऑलओवर श्रेणी में 54.52 हासिल किया है। ऑल ओवर श्रेणी में आईआईटी मंडी 2017 में 37वां रैंक हासिल कर चुका है।
इंजीनियरिंग श्रेणी में आईआईटी मंडी ने कमाल किया है। बीते साल के मुकाबले पांच पायदान ऊपर उठकर 26वां रैंक हासिल किया है। हालांकि पूर्व में 2019 व 2022 में 20वां रैंक संस्थान का रहा है। ऑलओवर के साथ इंजीनियरिंग श्रेणी में आईआईटी मंडी का रैंक बढ़ा है। इससे देशभर में आईआईटी मंडी की प्रतिष्ठा बढ़ी है। इनोवेशन श्रेणी में आईआईटी मंडी टाॅप टेन में शामिल है, लेकिन बीते साल की मुकाबले दो पायदान लुढ़का है। इस बार यह रैंक 10वां रहा है।
उधर, आईआईटी मंडी के रजिस्ट्रार डाॅ. केएस पांडे ने बताया कि रैंक रिलेटिव परफारमेंस बताता है, लेकिन ऑलओवर स्कोर बढ़ना संस्थान की उपलब्धि बताता है। निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि अगले वर्ष आईआईटी मंडी का ऑलओवर रैंक और बेहतर होगा।
दो कैंपस में चल रहा आईआईटी मंडी
आईआईटी मंडी देश के दूसरे चरण के शीर्ष आईआईटी संस्थानों में से एक है। संस्थान का स्थायी परिसर मंडी शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर कमांद में स्थित है और यह उत्तर और दक्षिण कैंपस में विभाजित है। अपने स्थापना काल से ही संस्थान ने 120 करोड़ से अधिक की लागत वाले 275 से अधिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं पर काम किया है। विगत वर्षों में संस्थान ने 11 अंतरराष्ट्रीय और 12 राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।