देश भर में आईआईटी मंडी ने इंजीनियरिंग में 20वें और ओवरआल कैटेगरी में 43वें स्थान पर आकर अपना परचम लहराया है। वहीं, रिसर्च वर्ग में पहली बार एंट्री मारते हुए 39वां स्थान पाया।
नेशनल इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) ने शुक्रवार को देश भर के शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग जारी की। इसमें हिमाचल के आईआईटी मंडी ने इंजीनियरिंग संस्थानों में पिछले साल के मुकाबले 19 पायदान की छलांग लगाते हुए 20वां रैंक हासिल किया। वहीं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला टॉप 200 विश्वविद्यालयों से भी बाहर रहा। एनआईटी हमीरपुर पिछले साल के मुकाबले 29 पायदान नीचे लुढ़ककर 128वें स्थान पर रहा।
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आईआईटी मंडी ने इंजीनियरिंग में ओवरआल कैटेगरी में 43वां स्थान हासिल किया। वहीं, रिसर्च वर्ग में पहली बार एंट्री मारते हुए 39वां स्थान पाया। 2021 में इंजीनियरिंग में 39वें, जबकि ओवरआल कैटेगरी में 82वें नंबर पर था। इस बार इंजीनियरिंग में 19 और ओवरआल रैंकिंग में 39 पायदान की छलांग लगाई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को एनआईआरएफ रैंकिंग 2022 के परिणामों की घोषणा की है।
2020 में एचपीयू शिमला का रैंक 169 रहा था, जबकि 2021 में भी टॉप 200 से बाहर रहा था। हिमाचल प्रदेश से सिर्फ जिला सोलन की शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट एंड साइंस ने 100 विश्वविद्यालयों की सूची में 96वां स्थान पाया है। वहीं, जेपी यूनिवर्सिटी वाकनाघाट ने इंजीनियरिंग में 138वां रैंक पाया है। एचपीयू शिमला की इसी वर्ष नेक से ग्रेडिंग भी होनी है। इसके लिए जल्द नेक की टीम दौरा करने वाली है।