देव आस्था के नाम पर मंडी जिले की गाहर पंचायत में वृद्ध महिला से क्रूरता मामले में दो महीने बाद अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग हरकत में आ गया है। जुब्बल कोटखाई पंचायत समिति की प्रधान प्रज्जवल बस्टा की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने अब शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि मामले में संलिप्त आरोपियों और जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को आयोग तलब कर सकता है।
आयोग की जांच पूरी होने के बाद अगर उसे लगा तो वह सरकार या जिला प्रशासन को पीड़िता को मुआवजा देने व दोषियों पर कार्रवाई को लेकर निर्देश भी जारी कर सकता है। उल्लेखनीय है कि बीते नवंबर महीने के पहले हफ्ते में वृद्धा से अमानवीय व्यवहार किए जाने की बात सामने आई थी। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया तो जिला प्रशासन की नींद टूटी और मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कुछ समय बाद आरोपियों को जमानत भी मिल गई।
लेकिन शिमला के कोटखाई की रहने वाली बस्टा ने मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत कर दी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने तो तत्काल शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामले में सरकार से जवाब तलब कर लिया। लेकिन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की नींद नहीं टूटी। चूंकि प्रदेश में राज्य मानवाधिकार आयोग भी नहीं है, ऐसे में मामला लटका रहा। अब करीब दो महीने से ज्यादा वक्त बीतने के बाद आयोग ने मामले में शिकायत का संज्ञान लेते हुए केस रजिस्टर कर जांच शुरू की है।