प्रदेश हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को सड़क विस्तारीकरण से प्रभावित लोगों को तुरंत मुआवजा राशि देने को कहा है। प्रदेश में बनाई जा रही सड़कों से जुड़ी जनहित याचिकाओं की हाईकोर्ट मेें सुनवाई हुई।
इसके बाद कोर्ट ने अथॉरिटी को आदेश दिए कि वह उन लोगों को तुरंत क्षतिपूर्ति मुआवजा दे, जिनकी जमीन सड़कों के निर्माण या विस्तारीकरण के लिए अधिग्रहीत की है। कोर्ट ने एनएचएआई को 26 दिसंबर तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने अथॉरिटी को इसके लिए एक माह का समय दिया है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए कि स्टेटस रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी दें कि अभी तक कितनी सड़कों का काम हुआ है, कितना काम पूरा होने को है और वह काम किस तरह का है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या कार्य को लेकर ठेकेदारों से कोई झगड़ा चल रहा है या इसके लिए किसी अन्य ठेकेदारों को तैनात किया गया है। न्यायालय ने पूछा है कि क्या ठेकेदारों को उनके काम का पैसा दिया गया है या नहीं।
कुछ ठेकेदारों की ओर से न्यायालय को यह बताया गया कि सड़कों का काम इस वजह से रुका है, क्योंकि कुछ भू मालिकों को मुआवजा नहीं मिला है। इस कारण लोग इस काम को पूरा नहीं करने दे रहे हैं। न्यायालय ने ठेकेदारों की इस समस्या को सही पाते हुए अथॉरिटी को आदेश दिए कि प्रभावितों को जल्द मुआवजा दे।