नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित हिमालयन ट्राउट फिश फार्म को हुए नुकसान के एवज में फार्म मालिक को 47.14 लाख का पर्यावरणीय मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा हरिपुर नाले पर पुल निर्माण के दौरान अवैध रूप से मलबा डंप करने से हुए नुकसान के बदले दिया गया है। एनजीटी ने प्रतिवादी पीडब्ल्यूडी और ठेकेदार को संयुक्त रूप से 47,14,000 की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। प्रतिवादियों को यह राशि दो महीने के भीतर जमा करनी होगी। इसके साथ ही राज्य विभाग के पास यह अधिकार होगा कि वह मुआवजे की इस राशि को संबंधित ठेकेदार से वसूल सकेगी।