इसके बावजूद वे न तो खुद पेश हुए और न ही कोई छूट याचिका दायर की। अधिकरण ने आदेश का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई पर नगर एवं ग्राम नियोजन के प्रधान सचिव की वर्चुअल उपस्थिति दर्ज कराई जाए। एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित अधिकारी अगली सुनवाई में उपस्थित नहीं होते हैं, तो मुख्य सचिव को स्वयं अदालत में वर्चुअली पेश होकर जवाबदेही तय करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी। इसके साथ ही आदेश की प्रति तुरंत मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिए हैं।