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दर्जनों गांवों पर भी लागू होगा एनजीटी का फैसला, जानिए क्या है वजह

Tue, 28 Nov 2017 04:20 PM IST
अशोक चौहान/अमर उजाला, शिमला
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भवन निर्माण और इन्हें नियमित करवाने का नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) का फैसला नगर निगम ही नहीं, बल्कि शहर के साथ लगती दर्जनों पंचायतों पर भी लागू होगा। शिमला प्लानिंग एरिया में आने वाली इन पंचायतों में भी नए निर्माण पर रोक लग गई है। 
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शहर के साथ सटा होने और नगर निगम क्षेत्र से बाहर होने के चलते हजारों लोगों ने यहां सस्ती जमीनें खरीद रखी हैं। कई लोगों ने तो भवन बना दिए हैं। वहीं कई ऐसे भी हैं जो अब टीसीपी से नक्शा पास करवाकर भवन निर्माण की तैयारी कर रहे थे। 

लेकिन एनजीटी का फैसला अब इन पर भी लागू हो जाएगा। ये भी अब ढाई मंजिल मकान ही बना पाएंगे। इसके अलावा जिन लोगों ने पहले बिना नक्शा पास करवाए ही मकान बना लिए हैं, उन्हें अब इन्हें नियमित करवाने के लिए लाखों रुपये सेस भरना होगा। 
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भवन नियमित करवाए बगैर इन्हें बिजली और पानी का कनेक्शन नहीं मिल पाएगा। पंचायती क्षेत्र होने के चलते ज्यादातर लोगों ने बगैर नक्शे ही भवन खड़े कर रखे हैं। फैसला आने के बाद से ये भवन मालिक अब जन प्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं।

इन पंचायतों पर भी लागू हो जाएगा एनजीटी का फैसला

प्लानिंग एरिया के तहत आने वाली पंचायतों पर एनजीटी का यह फैसला लागू होना है। इसमें कुफरी, जुब्बड़हट्टी, मशोबरा, ढली, जाठियादेवी, कच्चीघाटी, चक्कर, संदल, बनूटी, नेरी, चामली, चैली, घणाहट्टी, दुधारटी, रझाणा, थड़ी, रामपुरी क्योंथल, मल्याणा, चमयाणा पंचायतें और गांव शामिल हैं। इनमें नए भवन निर्माण की स्थिति अब डेवलपमेंट प्लान आने के बाद स्पष्ट होगी।

पहले प्रधान की रिपोर्ट पर ही मिल जाता था कनेक्शन
पंचायती क्षेत्र होने के चलते पहले इन क्षेत्रों में पंचायत प्रधान और पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर ही बिजली और पानी का कनेक्शन मिल जाता था। लेकिन अब टीसीपी से नक्शा पास होने के दस्तावेज भी दिखाने होंगे। प्रधान की रिपोर्ट काम नहीं आएगी। यहां तक कि यदि गौशाला बनाकर उसमें बिजली मीटर लगाना है तो उसके लिए भी नक्शे संबंधी सारी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
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क्या कहते हैं लोग

आठ पंचायतों के लोग आएंगे दायरे में
मेरे वार्ड की आठ पंचायतें इस फैसले के दायरे में आएंगी। यहां कई लोगों ने लोन लेकर जमीन खरीदी है। मकान भी बनाए हैं। लेकिन अब उन्हें ये सेस चुकाना होगा। हम 30 नवंबर को टुटू जनकल्याण समिति के साथ बैठक कर आगामी रणनीति तैयार करेेंगे।-राजेश शर्मा, जिला परिषद सदस्य, चैली वार्ड

जनता का पक्ष रखा जाना जरूरी
फैसला लागू होने से सैंकड़ों भवनमालिकों को नुकसान होगा। इसमें जनता का पक्ष सुना जाना चाहिए। जो लोग प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें राहत देनी चाहिए। सरकार को इस मामले में जनता का दर्द समझना चाहिए। -मदन मोहन ठाकुर, जिला परिषद सदस्य आनंदपुर वार्ड

पूरे शिमला पर लागू होगा यह फैसला
एनजीटी का फैसला पूरे शिमला प्लानिंग एरिया पर लागू होना है। नगर निगम से बाहर जो पंचायतें प्लानिंग एरिया के दायरे में आती हैं, उन पर भी दिशा निर्देश लागू किए जाएंगे।-संदीप कुमार, निदेशक टीसीपी
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