स्वयंसेवी संस्था मदद सेवा ट्रस्ट शिमला की अध्यक्ष तनुजा थाप्टा ने ‘गुड़िया : एक अनसुनी चीख’ नाम से लिखी किताब प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी। पीएमओ के निदेशक चंद्रेश सोना ने तनुजा को पावती पत्र भेजा।
तनुजा ने चंद्रेश सोना को फिर पत्र लिखा, जिसमें सीबीआई जांच पर असंतोष जताकर इसमें दखल की मांग की। अब पीएमओ के निर्देश पर केंद्रीय कार्मिक विभाग के अवर सचिव एसपीआर त्रिपाठी ने सीबीआई निदेशक को उपयुक्त कार्रवाई को पत्र (डीओपीटी एफ नं. 245/60/2018-एवीडी-2-ई-फाइल) लिखा है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री केे ऑफिशियल पेज पर कुछ तस्वीरें जारी की गईं। मामला हल होने तक का दावा किया गया, मगर उन चेहरों का सीबीआई जांच में कहीं भी जिक्र नहीं
पुलिस हिरासत में पति सूरज को खोने वाली ममता ने सनसनीखेज जानकारियां साझा कीं, उससे भी गहन पूछताछ की जरूरत थी जो नहीं हुई
ममता का भी पोलीग्राफ टेस्ट होना चाहिए था
सीबीआई ने डीएनए मिलान के लिए खून के जांच नमूनों को लेने में जल्दबाजी दिखाई। जब आरोपी पकड़ा गया, उसकी ब्रेन मैपिंग नहीं की गई