कहा है कि दो दिन से अस्पताल में बिजली नहीं है। नवजात के शरीर में ऑक्सीजन के साथ पानी चला गया। बच्चे की हालत बिगड़ी तो अस्पताल प्रशासन ने उसे कहीं और ले जाने की बात कह दी।
मजबूरी में नवजात को निजी अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन वहां उसकी जान चली गई। सीएमओ बिलासपुर वीके चौधरी ने कहा कि एमएस को जांच सौंपी है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। इस संबंध में सीएमओ बिलासपुर को तलब कर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। मामले में लापरवाही बरतने वाले किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे।