हिमाचल के कांगड़ा देहरा उपमंडल के बगली और कलोहा में बाढ़ से प्रभावित लोग बीमारी की चपेट में आ गए हैं। करीब डेढ़ दर्जन लोगों को सांस और गले की बीमारी हो गई है। कुछेक को डायरिया भी हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को गांवों में पहुंचकर बीमार लोगों का चेकअप किया। चेकअप में पता चला है कि लोग सांस, गले के दर्द और डायरिया की चपेट में आ गए हैं।
बीमारी की वजह गंदा पानी पीना बताया जा रहा है। कुछ रोज पहले मूसलाधार बारिश से बगली और कलोहा में बाढ़ आ गई थी। कई लोगों के मकान और पशुशालाएं ढह गईं। मलबे में कई पशु दब गए। अब उनके सड़ने से दुर्गंध आ रही है।
लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। साथ ही लोगों को गंदा पानी पीना पड़ा।
लोग दूषित पानी पीने को मजबूर
बताया जा रहा है कि लोग खुली पाइपों का पानी पी रहे थे। दुर्गंध और गंदा पानी पीने के कारण प्रभावित लोग बीमारी की चपेट में आए हैं। प्रशासन को पता चला तो सीएमओ कांगड़ा ने प्रभावित इलाकों को टीमें भेजीं।
दो टीमों ने सोमवार को दौरा कर लोगों का चेकअप किया और निशुल्क दवाइयां बांटी। कहा कि इंफेक्शन फैल रहा है।
भाजपा मंडलाध्यक्ष देहरा जगदीप डढवाल ने कहा कि उपमंडल देहरा में भारी बारिश से लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस मामले में ढिलाई बरत रहा है। इलाके में त्रासदी होने के बावजूद एसडीएम देहरा छुट्टी ले रहे हैं।
मलबे में दबे पशुओं में फैली दुर्गंध
बगली और कलोहा में मलबे में दबे पशुओं से इलाके में दुर्गंध फैल गई है। लोगों के बार-बार आग्रह के बावजूद प्रशासन ने पशुओं को नहीं निकाला। बगली पंचायत प्रधान मंजीत कुमार ने बताया कि कई पशु मलबे में दबे हुए हैं।
कहा कि यदि एक-दो दिन के भीतर मरे पशुओं को नहीं उठाया तो महामारी फैल सकती है। बीएमओ डाडासीबा एसके गौतम ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों को दवाइयां बांटी हैं।
डा. बीएम गुप्ता, सीएमओ कांगड़ा ने बताया कि हर रोज चेकअप करने का आदेश दिया है। चेकअप के दौरान अगर लोगों की तबीयत ज्यादा बिगड़ती है तो लोगों का इलाज जिला अस्पताल में नि:शुल्क किया जाएगा। लोग सांस, गले और डायरिया की चपेट में आए हैं।