मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बुधवार को शिमला में मैसर्स जेनिथ केमिकल एंड एलाइड इंडस्ट्रीज सतारा यानी महाराष्ट्र आधारित कंपनी की ओर से ‘सॉलिड वेस्ट एंड लिक्विड एफ्लुएंट ट्रीटमेंट’ पर एक प्रस्तुति दी गई।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस तकनीक को शिमला और मंडी शहर में पायलट आधार पर शुरू करने पर विचार कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में सॉलिड वेस्ट और लिक्विड एफ्लुएंट्स का कुशल उपचार एक प्रमुख चिंता का विषय है और उनके उचित प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रभावी और वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके ठोस कचरे की मात्रा में भारी कमी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि डंपिंग साइटों से उठती गंध का मुद्दा एक प्रमुख चिंता है, जिसका उचित निवारण करने की जरूरत है।
प्रस्तुति के दौरान कंपनी के प्रतिनिधि ने कहा कि लाभकारी एंजाइम, उत्कृष्ट उत्प्रेरित सह-एंजाइमों और सह-कारकों, आवश्यक तेलों और पौधों के अर्क तथा विशेष रूप से तैयार पोषक तत्वों का एक संयोजन इसमें इस्तेमाल होता है।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्त्रिस्या न केवल लागत की दृष्टि से प्रभावी है, बल्कि इसमें कई तरह की क्त्रिस्याशील स्थितियां हैं तथा इसकी लंबी अवशिष्ट प्रभाव अवधि होने के साथ यह शत-प्रतिशत जैविक है।
शिमला नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट, प्रधान सचिव शहरी विकास प्रबोध सक्सेना, सदस्य सचिव राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. आरके पुरथी, आयुक्त नगर निगम शिमला पंकज राय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।