आलू को जकड़ने वाले रोग के वायरस का पता अब दस मिनट के भीतर चल जाएगा। इसके अलावा दूसरी फसलों की बीमारियों का भी पता चल जाएगा। शिमला स्थित सेंट्रल पोटेटो रिसर्च इंस्टीट्यूट(सीपीआरआई) ने एक वायरस डिटेक्शन किट विकसित की है। डिप स्टिक किट को बाजार में उतारने के लिए एक कंपनी से बात चल रही है।
फिलहाल मार्केट में वायरस का पता लगाने वाली जो किट हैं, वह इंपोर्टेड और महंगी हैं। इंस्टीट्यूट का दावा है कि यह किट किसानों को सस्ते दामों में उपलब्ध होगी। देश में टॉप-10 आलू उत्पादक राज्यों में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, असम, कर्नाटक, हरियाणा और झारखंड शामिल हैं।
कई तरह के रोगों के चलते अमूमन 40 फीसदी तक फसल खराब हो जाती है। सिंचाई की गलत तकनीक के अलावा रोगग्रस्त बीज का रोपण इसका एक बड़ा कारण है।