हिमाचल प्रदेश में सरकार फिर से टैक्सी परमिट जारी करेगी। टैक्सी परमिट पर दो लगी रोक को हटाने की तैयारी हो गई है। सूबे में सैलानियों की सुविधा और टैक्सी परमिट के लिए आए हजारों आवेदनों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है। सरकार ने इसके लिए 27 फरवरी को परिवहन विभाग के अधिकारियों की एक बैठक बुलाई है।
प्रदेश में बड़ी संख्या में टैक्सियों को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2015 में नए टैक्सी परमिट देने पर रोक लगा दी थी। इसी बीच, हजारों की तादाद में बेरोजगार युवाओं ने टैक्सी परमिट के लिए परिवहन विभाग के पास आवदेन किए हैं। परमिट पर रोक के चलते ये आवेदन विभाग के पास लंबित पड़े हैं।
अब टैक्सी परमिट पर रोक हटने से हजारों बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का रास्ता साफ होगा। बिना परमिट के वाहन में सवारियां नहीं ले जाई जा सकती। ऐसा करने पर जुर्माने के साथ वाहन जब्त किया जा सकता है। टैक्सी ऑपरेटर भी निजी वाहनों में सवारियां
ढोने की शिकायतें करते रहते हैं। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बताया कि टैक्सी परमिट बहाल करने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। परिवहन विभाग के पास हजारों आवेदन आए हैं। बैठक में इस पर फैसला होगा। इससे युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खुलेंगे।