चुनावी वर्ष में नए बजट सत्र के लिए हिमाचल प्रदेश विधानसभा तैयार हो गई है। विधानसभा में इस बार सड़क, पानी, बिजली, नशाखोरी और भ्रष्टाचार जैसे मसले गूंजेंगे। बुधवार शाम तक हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय में 432 सवाल पहुंच चुके थे। इन्हें आगे जवाब तैयार करने के लिए प्रदेश सरकार को भेजने का क्रम चला हुआ है।
करीब आधा दर्जन विधेयक भी सदन के पटल पर पारित करने को रखे जाने हैं। एक मार्च से शुरू होने जा रहे इस बजट सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। पिछले कई सत्रों के दौरान बना गतिरोध नए चुनाव के लिए तैयार बैठे राजनीतिक दल तोड़ेंगे, इस पर संशय बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का सत्र एक मार्च से शुरू होने जा रहा है। 10 मार्च को प्रदेश सरकार नए वित्तीय वर्ष का बजट पेश करेगी। सदन में पहले ही दिन नशाखोरी का मामला गूंजेगा। इस संबंध में भाजपा की ओर से प्रश्नकाल में सवाल लगाने की तैयारी है। उद्योगों में हिमाचलियों को 70 फीसदी की दर से रोजगार नहीं मिलने का मामला भी उठेगा।
बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर भी विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा। इसके अलावा राज्य भर मेें सड़क , पानी, बिजली, नशाखोरी और भ्रष्टाचार जैसे मसले भी उठेंगे। प्रदेश विधानसभा के एक मार्च से शुरू होने जा रहे इस बजट सत्र का पहला चरण 17 मार्च तक चलेगा।
इसके बाद 18 से 26 मार्च के बीच रिसेस रहेगा। सत्र दोबारा 27 मार्च से शुरू होगा और आगे सात अप्रैल तक चलेगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सचिव सुंदर सिंह वर्मा का कहना है कि बजट सत्र की पूरी तैयारी है। प्रदेश विधानसभा सचिवालय तमाम व्यवस्थाओं में जुट गया है। रोजाना दर्जनों नए सवाल विधानसभा सचिवालय में पहुंच रहे हैं।