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स्पीकर, मंत्री पद के लिए सिरमौर, कांगड़ा, मंडी का दावा मजबूत

Sun, 19 Jan 2020 12:07 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
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सांकेतिक तस्वीर
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नया प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मिलने के बाद अब जल्द ही जयराम सरकार कैबिनेट में खाली दो पदों को विधानसभा अध्यक्ष के साथ भर सकती है। विधानसभा अध्यक्ष और दो मंत्री पदों पर सिरमौर, कांगड़ा और मंडी जिलों का दावा मजबूत माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार भाजपा तीनों पद भरने के लिए न्यूनतम तीन बार जीत का फार्मूला तय कर सकती है।

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यानी, जो उम्मीदवार तीन या इससे अधिक बार जीता हो उसे ही कैबिनेट रैंक और विधानसभा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। अगर न्यूनतम तीन बार जीत का फार्मूला तय किया गया तो सिरमौर से सुखराम चौधरी, कांगड़ा से राकेश पठानिया और मंडी से कर्नल इंद्र सिंह की लॉटरी लग सकती है। हालांकि, इनके अलावा चार बार जीत दर्ज करने वाले कांगड़ा से रमेश धवाला भी तीन बार जीत के फार्मूले में फिट बैठते हैं। लेकिन उन्हें पहले ही योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में कैबिनेट रैंक मिला हुआ है। 

दो बार जीत दर्ज करने वाले नेताओं की कतार ज्यादा लंबी है इनको  कैबिनेट रैंक देने से पार्टी परहेज कर रही है ताकि अंतर्विरोध न पसरे। विस चुनाव 2017 में भाजपा ने चारों संसदीय क्षेत्रों को 3-3 कैबिनेट रैंक देकर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधा था। इसके बाद कांगड़ा और मंडी संसदीय क्षेत्र से एक-एक कैबिनेट पद खाली हुआ। ऐसे में तीन बार या इससे अधिक बार जीत दर्ज कर चुके मंडी जिला से कर्नल इंद्र सिंह और कांगड़ा से राकेश पठानिया दोनों का कैबिनेट रैंक के लिए दावा ज्यादा मजबूत माना जा रहा है।
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इसके अलावा सिरमौर से तीन बार जीत दर्ज कर चुके सुखराम चौधरी को पार्टी कैबिनेट रैंक दे सकती है। क्योंकि पार्टी को तीन सीटें जिताने वाला सिरमौर जिला वर्तमान में कैबिनेट रैंक से वंचित है। विधानसभा अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए भी वरिष्ठता के लिहाज से तीनों में से किसी एक नेता को जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, कोई और सियासी फार्मूला अपनाया गया तो हमीरपुर जिला से नरेंद्र ठाकुर सहित कुछ और नेताओं को भी कैबिनेट गिफ्ट दिया जा सकता है। 

किस जिले ने भाजपा को क्या दिया
बिलासपुर में 4 में से 3, चंबा से 5 में से 4, कांगड़ा में 15 में से 11, सोलन में 5 में से 2,  सिरमौर में 5 में से 3, कुल्लू में 5 में से 4, शिमला में 8 में से 4, मंडी में 10 में से 9, लाहौल में 1 में से 1, किन्नौर में 1 में से शून्य, हमीरपुर में 5 में से 2, ऊना में 5 में से 3 सीटें भाजपा ने जीती थीं। इनमें से बिलासपुर, हमीरपुर, सिरमौर को कैबिनेट रैंक नहीं मिला है। हालांकि, अनुराग ठाकुर के रूप में केंद्र में हमीरपुर को कैबिनेट रैंक मिला है।

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