वहीं, मंडी साइबर पुलिस थाना में क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी की शिकायतों का आंकड़ा 50 तक पहुंच गया है। रोजाना नई शिकायतें लेकर शिकायतकर्ता मंडी पहुंच रहे हैं। शिकायतकर्ता अपना दुखड़ा सुनाने के साथ आरोपियों पर शिकंजा कसने की मांग उठा रहे हैं। शिकायतकर्ता बताते हैं कि यह पूरा खेल भरोसे पर ही चलता था। भरोसा जताकर शातिर नकदी लेते थे। अगर किसी को कोई आपत्ति होती थी तो शातिर तुरंत नकदी वापस कर देते थे। इससे अन्य लोगों में विश्वास हो जाता। दस हजार डाॅलर निवेश पर शातिर विदेश दौरे का भी लालच देते थे। कई शिकायतकर्ता इस पूरे खेल के मुख्य आरोपी हेमराज, सुखदेव व सुभाष से कभी मिले तक नहीं हैं।
जबकि शुरुआती दौर में निवेश करवाने वाले लोग इनके सीधे संपर्क में थे। अब शिकायतकर्ता जिन्हें नकदी दी गई है, उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। यह अधिकतर टीम लीडर की भूमिका में थे। ऐसे में इन पर भी कानूनी शिकंजा कस सकता है। अधिकतर मामलों में 99 प्रतिशत धनराशि नकद ही देने बारे तथ्य सामने आ रहे हैं। हालांकि ऑनलाइन ट्राजेक्शन का विवरण भी शिकायतकर्ताओं से लिया जा रहा है। उधर, मंडी साइबर पुलिस सेल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनमोहन सिंह ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी की नई शिकायतें मिल रही हैं। मामले में नियमानुसार बयान कलमबद्ध करवाए जा रहे हैं।