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सीएम वीरभद्र के सामने 1831 बजंतरियों ने दी देव ध्वनि, तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

Mon, 27 Feb 2017 10:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
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अंतरराष्ट्रीय मंडी शिवरात्रि महोत्सव में देवी-देवताओं के साथ आने वाले बजंतरियों ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मंडी के पड्डल मैदान में रविवार को आयोजित देव ध्वनि कार्यक्रम में एक साथ 1831 बजंतरियों ने देव धुन बजाकर अनोखा नजारा पेश किया।
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बीते साल 1803 बजंतरियों ने पहली बार एक साथ पारंपरिक देव वाद्ययंत्र बजाकर रिकॉर्ड बनाया था। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में इसे हाल ही दर्ज किया गया था। अब 1831 बजंतरियों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है।

देव ध्वनि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। रविवार साढ़े 11 बजे बजंतरियों ने एक साथ ढोल, नगाड़े, शहनाई, करनाल, रणसिंगा, बांब, भाना बजाया तो ऐतिहासिक पड्डल मैदान देवी-देवताओं के वाद्ययंत्रों की धुनों से गूंज उठा।
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देव ध्वनि सुनने लोगों की भीड़ उमड़ी

इस बार देवी-देवताओं के साथ चलने वाले झंडे (फल्हरे) को भी देव ध्वनि कार्यक्रम में शामिल किया गया था। सबसे पहले सराजघाटी के बजंतरियों ने वाद्ययंत्रों की धुन बजाई।

इसके बाद बल्ह, चौहार और बदार-स्नोर घाटी के बजंतरियों ने देव धुन बजाई। बाद में चारों घाटी के बजंतरियों ने एक साथ देव धुन बजाई जिससे पूरा पड्डल मैदान देवमय हो उठा। देव ध्वनि सुनने लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी।

उधर, देव ध्वनि कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गए हैं। उपायुक्त एवं शिवरात्रि महोत्सव कमेटी के अध्यक्ष संदीप कदम ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि 2000 बजंतरियों का लक्ष्य रखा था, फिर भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 
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सीएम ने की घोषणा, कारदारों की तरह इन्हें भी देंगे मानदेय

सीएम बोले - मंडी शिवरात्रि उत्सव एक विशेष मेले के रूप में प्रसिद्ध है। इसमें जिले भर के देवी-देवता शामिल होते हैं। स्थानीय देवी-देवता संगीतज्ञों और कारदारों के साथ आते हैं। बजंतरियों को सम्मान देने के लिए उन्हें कारदारों के समान मानदेय देने का निर्णय लिया गया है।

बजंतरी देवी-देवताओं के परिवार के अभिन्न अंग हैं। कहा कि हम हमेशा देवी-देवताओं से घिरे रहते हैं, जो प्रतिदिन होने वाली रस्मों में शामिल होते हैं।  देवी-देवता राज्य में होने वाले प्रत्येक मेले और त्योहार में अपनी उपस्थित सुनिश्चित बनाते हैं।

उन्होंने प्रदेश की समृद्ध संस्कृति एवं रीति-रिवाजों के संरक्षण पर बल दिया। कहा कि हम जैसे-जैसे जीवन में प्रगति की ओर अग्रसर हो रहे हैं, हमें अपनी भाषा, संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को भी भावी पीढ़ी के लिए आगे ले जाना है।

मुख्यमंत्री ने मैसमेराइजिंग मंडी कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। इस पुस्तक में पर्यटकों के लिए जिले के विभिन्न स्थलों की जानकारी उपलब्ध होगी। उपायुक्त संदीप कदम ने देव ध्वनि कार्यक्रम की जानकारी दी।

सर्वहित देवता कमेटी के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने सीएम का स्वागत किया। उन्होंने देव सदन के निर्माण को 6.50 करोड़ देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिल शर्मा भी मौजूद रहे।
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