प्रदेश कर्मचारी महासंघ तदर्थ कमेटी के संयोजक विनोद कुमार ने कहा कि वर्ष 2003 से लागू नई पेंशन योजना के लिए एक सामान पेंशन नीति लागू हो, जो सरकारी धन की उपलब्धता के अभाव में बाधित नहीं की जा सकती।
इस योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की शंकाओं के निवारण के लिए सरकार गंभीरता से विचार करे। सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से कर्मचारियों का एक वर्ग चिंतित है। इसकी आड़ में कुछ लोग कर्मचारियों के इसके विरोध के नाम पर राजनीति करने का प्रयास भी कर रहे हैं।
महासंघ की मांग है कि सरकारी संस्थानों में एक समान नीति के तहत सभी नियुक्तियां नियमित आधार पर ही की जाए। महासंघ तदर्थ कमेटी के संयोजक और अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि यह प्रचार सही नहीं है कि नई पेंशन योजना कर्मचारी वर्ग के लिए पूरी तरह से अभिशाप है।
सरकार की तरफ से जो अंशदान कर्मचारी के खाते में हर माह जमा होता है वह पेंशन का ही एक हिस्सा है। इसमें कुछ भ्रांतियां हैं, जिसका महासंघ वार्ता के जरिए सरकार से हल निकालने का काम करेगा। इस अभियान को पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक रंग देने का प्रयास हो रहा है और इससे बचा जाए।